UPHESC Assistant Professor Exam 2021 Test Series for Education Test 3

UPHESC Assistant Professor Exam 2021 Test Series for Education Test 3: UPHESC Assistant Professor Recruitment 2021- Uttar Pradesh Higher Education Services Commission has started accepting online application form for 2003 vacancies for Assistant Professor Posts on its official website @uphesconline.org from 27th February 2021. The notice includes the dates and events for UPHESC recruitment.

UP government is providing an opportunity for those candidates who are looking forward to teaching as their career. The online applications will be accepted by 26th March 2021.Bookmark this page and stay tuned with us for every latest update for UPHESC Assistant Professor Jobs 2021.UPHESC Assistant Professor Vacancy 2021 announced for 2003 Assistant Professor Post which includes 2002 posts of Assistant Acharya in 47 subjects and 01 post of Assistant Acharya Geoscience of Advertisement No. -46. The application form for UPHESC Assistant Professor 2021 began on 27 February 2021 and the last date to apply online is 26 March 2021.

Important Point: Those aspirants/students joined this programme will get the answer key / detailed solution on the same day of test in the evening (between 8 PM to 10 PM). ignore if you have already joined.

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(Test Series Available in Both Hindi and English Medium)

Pick your Pen and Paper, attempt the questions exactly like UPHESC Exam (UPHESC Assistant Professor Exam is not computer based). If you want to know your ranking send us your OMR / Answer Sheet to : [email protected] or in the comment section. “Be honest with yourself”

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प्रशन1: निम्नांकित में से कौन – सा कथन व्यक्तित्व को उपयुक्त रुप में वर्णित करता है?

1. व्यक्तित्व एक शरीर – क्रियात्मक अवधारणा है।

2. व्यक्तित्व एक आणविक अवधारणा है।

3. व्यक्तित्व एक गतिशील अवधारणा है।

4. व्यक्तित्व एक लोकप्रिय अवधारणा है।

प्रशन2: व्यक्तित्व के निम्नांकित विशेषकों में से किसे प्रक्षेपी प्रविधियों द्वारा प्रभावी रुप में मापा जा सकता  है? 

1. बर्हिमुखी – अन्तर्मुखी

2. ईमानदारी

3. मानसिक प्रावरोध 

4. सन्तुलित उपागम. 

प्रशन3: एक छात्र अपने परिवार में स्वच्छता के प्रति अतिरंजित लगाव प्रदर्शित करता है। इसके किसका उदाहरण मानते हुए स्पष्ट किया जा सकता है?

1. प्रतिगमन

2. अवदमन

3. उदात्तीकरण

4. प्रतिक्रिया विधान.

प्रशन4: भारतीय व्यवस्था में, समंजन की प्रक्रिया को अच्छी तरह दर्शाया जा सकता है :

1. तनाव प्रबंधन द्वारा 

2. तनाव न्यूनीकरण द्वारा

3. सन्तुलन की स्थिति द्वारा

4. चिन्ता की स्थिति द्वारा

प्रशन5: संकलनात्मक सलाह के आयोजन हेतु निम्नलिखित में से कौन सर्वाधिक महत्वपूर्ण है?

1. आवश्यकताओं एवं व्यक्तित्व की विशेषताओं का अध्ययन

2. तकनीकों का चयन

3. परामर्श की तैयारी

4. सेवार्थी एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के मत जानना

प्रशन6: किसी स्कूल निर्देशन कार्यक्रम के आयोजन हेतु निम्नलिखित में से किस प्रकार की सेवाएं अपेक्षित है ?

1. वैयक्तिक, व्यावसायिक, स्थानन, अनुवर्ती

2. सूचना, परीक्षण, परामर्श, अनुवर्ती

3. सूचना, निर्देशन, परामर्श, अनुवर्ती

4. सूचना, परीक्षण, परामर्श, स्थानन.

प्रशन7: समूह निर्देशन के तर्काधार हेतु निम्नलिखित में से कौन स्वीकार्य नहीं है?

1. सेवार्थी समूह को उनकी मूल धारणाओं तथा मान्यताओं से परिचय कराना।

2. अन्त: वैयक्तिक संबंध विकसित कराना।

3. निर्देशन के दौरान तान्त्रिक परिवेश को बढ़ावा देना। 

4. बौद्धिक समझ तथा सहयोग को बढ़ावा देना।

प्रशन8: किसी निर्देशन कार्यक्रम में निम्नलिखित में से किसको प्रमुख सेवा माना जाता है?

1. सूचना सेवा

2. आत्म – तालिका सेवा

3. स्थानन सेवा     

4. परामर्शी सेवा.

प्रशन9: अनिदेशात्मक उपबोधन का प्रमुख प्रयोजन है ?

1. सेवार्थी दत्त का विश्लेषण

2. संगत कारक का निदान

3. भावात्मक विमुक्ति 

4. स्थानन सेवा

प्रशन10: विजातीय जनसंख्या होने पर निम्नलिखित विधियों में से न्यादर्श प्रक्रिया के लिए कौन – सी विधि चुनेंगे  ?

1. यादृच्छिक न्यादर्शन  

2. क्रमबद्ध न्यादर्शन

3. स्तरीकृत न्यादर्शन 

4. सुविधापरक न्यादर्शन.  

प्रशन11: जब कई मध्यमानों की तुलना अपेक्षित हो तो वास्तविक रूप से सार्थक अन्तर (HSD) निम्नलिखित में से किस दशा में उपयोगी होगा ?

1. जब ‘एफ’ का मान सार्थक हो ।

2. जब ‘एफ’ का मान सार्थक नहीं हो ।

3. (1) और (2) दोनों    

4. न तो (1) ना (2)

प्रशन12: किसी शोध समस्या के निर्माण हेतु निम्नलिखित में से सर्वश्रेष्ठ स्त्रोत किसे माना जा सकता है? 

1. शोध पर्यवेक्षक से परामर्श ।

2. पुस्तकालय अध्यक्ष से चर्चा करना ।

3. किसी शोध पत्रिका में प्रकाशित शोध लेखों पर चिन्तन करना ।

4. शिक्षा की समस्याओं पर चिन्तन करना। 

प्रशन13: शोध में त्रिभुजन पद (Triangulation) निम्नलिखित में से किसे युग्मित करने से संबंधित है? 

1. दो से अधिक न्यादर्शों का योग    

2. अनेक गुणात्मक शोध तकनीकों का योग

3. प्रदत्त विश्लेषण के लिए बहुत सी मात्रात्मक तकनीक

4. दो से अधिक शोध अध्ययनों का योग

प्रशन14: विचलनशीलता की मात्रा सूचित करने के लिए क्रमसूचक प्रदत्तों का उपयुक्त माप ……… होगा। 

1. मानक विचलन मान

2. मानक प्राप्तांक 

3. औसत विचलन मान

4. चतुर्थाश विचलन मान.    

प्रशन15: प्रयोगशाला प्रयोग में निम्नलिखित में से कौन – सा कार्य सर्वाधिक महत्वपूर्ण है?

1. प्रयोगशाला का व्यवस्थापन 

2. कार्य स्थल का चयन

3. चरों को नियंत्रित करना 

4. चरों में हेरफेर लाना

प्रशन16: ऐतिहासिक शोध में बल दिया जाता है :

1. अतीत की घटनाओं के चित्रण पर

2. वर्तमान एवं अतीत की घटनाओं के चित्रण पर

3. अतीत से प्रदत्तों के संकलन पर 

4. अतीत से प्रदत्तों के संकलन एवं संगठन पर.

प्रशन17: एक अध्यापक ने स्कूल के कार्यक्रमों में हस्तक्षेप के रुप में कैलोरी युक्त मध्याह्र भोजन की शुरुआत की है। प्रदत्त निर्वचन स्तर पर उस शिक्षक को निम्नलिखित में से कौन – सा परीक्षण करना चाहिए? 

1. एकल पुच्छीय परीक्षण

2. द्विपुच्छीय परीक्षण

3. एकल पुच्छीय और द्विपुच्छीय दोनों परीक्षण   

4. अप्राचलिक परीक्षण.

प्रशन18: ‘एफ’ परीक्षण प्रयुक्त होता है जबकि :

1. दो स्वतंत्र समूहों की तुलना की जानी है।

2. दो सहसंबंधी समूहों की तुलना की जानी है।

3. दो से अधिक स्वतंत्र समूहों की तुलना की जानी हो ।

4. दो से अधिक आश्रित अथवा अनाश्रित समूहों की तुलना की जानी हो। 

प्रशन19: भारत में प्राथमिक शिक्षा के सार्वभौमिक हेतु निम्नलिखित में से किसे एक हस्तक्षेप के रुप में प्रयोग में लाया गया है? 

1. सर्वशिक्षा अभियान

2. सतत और वृहद मूल्यांकन

3. लैपटाप का विवरण

4. पुस्तकों और परिधानों का नि: शुल्क विवरण

प्रशन20: निम्नलिखित में से दूरवर्ती शिक्षा की कौन – सी एक विशेषता है ?

1. कोई भी शिक्षा जिसमें कम्प्यूटर शामिल हैं।

2. शिक्षक और छात्र ऑफ कैम्पस अवस्थिति से जुड़े होते हैं।

3. शिक्षक और अधिगमकर्ता को सम्बोधित करने हेतु समय और स्थान में लचीलापन   ।

4. एक परिसर से दूसरे परिसर में छात्रों का आदान – प्रदान

प्रशन21: निम्नलिखित में से किस देश में स्कूली शैक्षिक प्रशासन अनन्यरुप से स्थानीय प्राधिकारियों के हाथों में है ?

1. भारत

2. ऑस्ट्रेलिया

3. आयरलैंड

4. संयुक्त राज्य अमेरिका.

प्रशन22: तुलनात्मक रुप से देखने पर ‘व्यावसायिक शिक्षा` और ‘शिक्षा का व्यावसायीकरण’ निम्नलिखित में से क्या है?

1. एकसमान हस्तक्षेप

2. असमान हस्तक्षेप

3. देश की दो शैक्षणिक प्रणाली से संबंधित

4. वृत्तिक समस्याओं से संबंधित.

प्रशन23: पाठ्यचर्या के आधारभूत प्रतिमान में पाठ्यचर्या लागू करने वाला प्रत्यक्षत: जिम्मेदार अभिकर्ता है :

1. अधिगमकर्ता

2. अध्यापक

3. प्रधानाघ्यापक 

4. अभिभावक. 

प्रशन24: पाठ्यचर्या के प्रशासनिक प्रतिमान को लागू करने हेतु सर्वाधिक उपयुक्त उपागम में ……. जोर दिया जाएगा।

1. अभिकर्मियों की अधिक्रमता पर

2. प्रजातान्त्रिक मूल्यों पर

3. भागीदारी आधारित संस्कृति पर

4. समवर्ती समन्वय पर.

प्रशन25: पाठ्यचर्या के प्रदर्शन – प्रतिमान का अन्तिम उद्देश्य हैं :

1. पाठ्यचर्या विकास में शिक्षकों द्वारा रणनीतियों का उपयोग करना ।

2. पाठ्यचर्या क्रियान्वनय में गतिविधि उपागम को बढ़ावा देना।

3. व्यापक स्तर पर क्रियान्विति हेतु प्रतिपुष्टि प्राप्त करना ।

4. प्रतिमान की व्यवहार्यता दर्शाना. 

प्रशन26: संकलनात्मक मूल्यांकन का मूल उद्देश्य यह जानना है कि अधिगमकर्ताओं ने :

1. सभी मध्यावधि परीक्षणों को पास कर लिया है।

2. वांछित अधिगम परिणाम प्राप्त कर लिए हैं।

3. सभी परीक्षण और प्रदत्त कार्य पूरे कर लिए हैं।

4. पूरे पाठ्यक्रम में उपस्थिति दर्शाई है।   

प्रशन27: प्रभावी रचनात्मक मूल्यांकन हेतु कौन – सी नीति प्रासंगिक होगी ?

1. प्रतीक्षा करो और देखो’  की नीति

2. ‘प्रभावी देखो ‘ की नीति

3. पूर्णत्व की नीति

4. अधिगम उपलब्धि के उपयोग और आकलन की नीति.

प्रशन28: निम्नलिखित में से किस संस्था का प्रमुख कार्य भारत में शिक्षा में योजना व प्रशासन से संबद्ध है?

1. एन. सी. ई. आर. टी.

2. आई. आई. एस. ई. 

3. एन. ई. यू. पी. ए

4. एन. ए. ए. सी.   

प्रशन29: एक सुपरिभाषित प्रबन्धन को किस बिन्दु पर अधिक बल देना चाहिए  ?

1. पर्यवेक्षण

2. परिनिष्ठत विकास की दृष्टि से संगठनात्मक पक्ष

3. परिस्थित्यात्मक समस्याएं

4. अनुशासनात्मक पक्ष.

प्रशन30: निम्नलिखित में से किस तत्व के आधार पर ‘नेतृत्व’ अत्यन्त प्रभावशाली बन जाता है?

1. नेतृत्व के व्यक्तित्व लक्षण

2. अनुगमन करने वालों की अभिप्रेरणा

3. परिस्थित्यात्मक कारक

4. नेतृत्व शैली. 

प्रशन31:समस्या समाधान की योग्यता निर्भर करती है :

1. लम्बाई और वजन में वृद्धि पर.

2. शब्द भंडार के विकास पर

3. चिन्तन और तर्क के विकास पर

4. आकार और आकृति के विकास पर.

प्रशन32: किसी व्यक्ति के जीवन के किस चरण में भावनाओं और उन पर नियंत्रण , पेशेवर और व्यक्तिगत स्वस्थ्य जीवन शैली के लिए महत्वपूर्ण बन जाता है? 

1. उत्तर – बाल्यावस्था.

2. आरम्भिक किशोरावस्था

3. उत्तर किशोरावस्था  

4. प्रौढ़ावस्था 

प्रशन 33: सामाजिक विकास से संबंधित किस चरण में व्यक्ति समूह, समाज और राष्ट्र के वृहत्तर हित में अपनें हितों को त्याग सकता है?

1. उत्तर – बाल्यावस्था

2. किशोरावस्था

3. प्रौढ़ावस्था 

4. वृद्धावस्था.

प्रशन 34: निम्नांकित में से कौन – सी बुद्धि व्यड की आयु के साथ अभिवृद्ध होने से नहीं रुक सकती ?

1. शैक्षिक बुद्धि  

2. स्थानगत बुद्धि

3. वाचिक बुद्धि  

4. भावात्मक बुद्धि.   

प्रशन 35: भावात्मक प्रज्ञा के अन्तर्गत किसे उसका घटक नहीं माना जाएगा?

1. आत्म प्रबन्धन 

2. आत्म विश्लेषण 

3. आत्म – अभिप्रेरण

4. तदनुभूति          

प्रशन36: गैने के अधिगम अधिक्रम का कौन – सा प्रकार क्रिया – प्रसूत अनुबन्धन से संबंधित है?

1. संकेत अधिगम  

2. विभेदीकरण अधिगम 

3. सम्प्रत्यय अधिगम.

4. उद्दीपक – अनुक्रिया अधिगम.

प्रशन 37: दोनों सेटों को सुमेलित करें :

सेट – I                                           सेट – II

(A) आत्मसिद्धि की आवश्यकता.       (i)  पावलोव

(B) अंतर्नोंद विभेदीकरण अधिगम       (ii) हर्जबर्ग

(C) जीवनदेश                       (iii)  टोलमैन

(D) अभिप्रेरण- स्वास्थ्य विज्ञान सिद्धांत    (iv) मास्लो

(E) स्वत: पुनप्राप्ति                   (v)  कुर्त लेविन

                                                                                     (vi)  एडलर

                                                                      (vii)  मेक् क्लीलैण्ड.    

नीचे दिए गए कूटों का उपयोग करते हुए अपना उत्तर दे :

    (A)     (B)    (C)     (D)       (E)

1. (i)       (ii)    (iii)     (iv)       (v) 

2. (ii)      (iii)   (iv)     (vii)      (vi)

3. (iv)     (iii)    (v)     (ii)        (i) 

4. (vii)    (vi)    (i)     (iii)        (ii)  

प्रशन38: निम्नांकित में से कौन – सा कथन अधिगम सिद्धांत प्रतिपादकों द्वारा समर्पित नहीं है? 

1. अधिगम के लिए अभिप्रेरणा आवश्यक है, किन्तु पर्याप्त नहीं ।

2. अधिगम अन्तरण घटित होने के लिए दो परिस्थितियों में एक जैसे अंश अपेक्षित है। 

3. किसी व्यक्ति का व्यक्तित्व सामाजिक परिस्थितियों के प्रभाव से विकृत हो जाता है।

4. अवस्था – विशिष्ट भूमिकाओं के निर्वाह से व्यक्तित्व बनता है

प्रशन 39 :’अन्तर्मुखी और बहिर्मुखी’ के रुप में व्यक्तित्व का वर्गीकरण सर्वप्रथम किसने किया था ?

1. एडलर

2. फ्रायड

3. जंग   

4. मास्लो. 

प्रशन40 :निम्नलिखित में से क्या व्यक्तित्व का प्रक्षेपीय परीक्षण नहीं है?

1. रोर्शाक इंक ब्लाट टेस्ट

2. थिमेटिक एपरस्पेसन टेस्ट

3. राटर्स सेन्टेन्स कम्पीलशन टेस्ट 

4. मिनिसोटा मल्टीफेजिक पर्सनेल्टी इंवेन्ट्री. 

प्रशन41: जब प्रयोज्य और उत्तरदाता एक है और एक ही व्यक्ति होता है तब इस उपकरण को क्या कहा जाता है?

1. समाज – आलेख 

2. आत्मनिष्ठ परीक्षण

3. निर्धारण मापनी

4. अभिवृत्ति मापनी. 

प्रशन42: निम्नलिखित में से कौन – सा कथन सही  है?

1. मानसिक स्वच्छता प्रक्रिया है और मानसिक स्वास्थ्य परिणाम है।

2. मानसिक स्वास्थ्य प्रक्रिया है, मानसिक स्वच्छता परिणाम है। 

3. मानसिक स्वच्छता और मानसिक स्वास्थ्य एक और समान है

4. मानसिक स्वच्छता का मानसिक स्वास्थ्य से कोई सरोकार नहीं है।

प्रशन43:एक लड़का जो बी.ए. दर्शनशास्त्र करना चाहता है लेकिन इस विषय से भयभीत है क्योंकि इसमें वृत्तिक सम्भावनाएं अच्छी नहीं है – उसमें :

1. कोई द्वंद्व नहीं है

2. उपागम – उपागम द्वंद्व है। 

3. उपागम – परिहार द्वंद्व है। 

4. परिहार – परिहार द्वंद्व है।    

प्रशन44: एक लड़का जो बी.ए. दर्शनशास्त्र करना चाहता है लेकिन इस विषय से भयभीत है क्योंकि इसमें वृत्तिक सम्भावनाएं अच्छी नहीं है – उसमें :

1. कोई द्वंद्व नहीं है

2. उपागम – उपागम द्वंद्व है। 

3. उपागम – परिहार द्वंद्व है। 

4. परिहार – परिहार द्वंद्व है।    

प्रशन45: व्यावसायिक निर्देशन में जोर देना चाहिए : 

1. सेवार्थी को नौकरी दिलाने पर

2. सेवार्थी को उचित नौकरी ढूँढ़ने में मदद देने पर

3. शिक्षा – व्यवस्था के वृत्ति – उन्मुख बनाने पर

4. सेवार्थी को उचित वृत्ति – चयन में सहायता करने पर.   ।  

प्रशन 46:प्रभावी उपबोधन वह है जिसमें सेवार्थी को स्व – अवबोध में मदद मिले जिससे वह :

1. अपनी सम्भावित योग्यता एवं स्वभाव को समझ सके।

2. अपने विकल्पों को चुनने में अपनी शक्ति एवं कमजोर को जान सके। 

3. किसी वृत्ति में सफल होने की सम्भावना से अवगत हो सके।

4. अपने उन दोस्तों एवं विरोधियों को जान सके जिनसे सम्बन्ध बनाना चाहिए।  

प्रशन47:सेट – I  के मदों को सेट – II से सुमेलित करें और उत्तर देने के लिए सही कूट का चयन करें :

सेट  – I                                       सेट – I

(A) अ – निदेशात्मक उपबोधन  (i)  जहाँ किसी व्यक्ति को अपनी परिस्थितियों से समायोजित होने में मदद  दी जाती है।

(B) समूह निर्देशन           (ii) कार्य विवरण के साथ व्यवसायों की सूची ।

(C) परीक्षण सेवा                   (iii) सेवार्थियों को सामूहिक रूप से उनकी समस्याओं के संबंध में सहायता दी जाती है।

(D) वृत्तिक तालिका            (iv)  जहाँ परामर्शदाता सेवार्थी पर अपने विचार नहीं थोपता है।

(E) वैयक्तिक निर्देशन          (v) जहाँ सेवार्थी अपने गुणों/जानकारी प्राप्त करने के लिए सहायता प्राप्त करता है।

                                                  (vi) जहां शिक्षक परामर्शदाता की भूमिका निभाता है।

सही कूट का प्रयोग करते हुए अपना उत्तर दें : 

    (A)       (B)      (C)       (D)       (E)

1. (iv)       (iii)      (v)        (ii)        (i) 

2. (i )       (ii)       (iii)       (vi)       (iv)

3. (vi)      (v)       (iv)        (iii)      (ii)

4. (v)       (iv)      (iii)       (ii)        (i)  

प्रशन48: किसी विद्यालय में कोई कक्षा शिक्षक अपने विद्यार्थियों से वाचनालय तथा प्रयोगशाला के बेहतर – उपयोग तथा विषयों में अपने निष्पादन बढ़ाने के बारे में नित्य चर्चा करता है। उसका इस रुप में संलिप्त होना कहा जाएगा : 

1. व्यक्तिगत निर्देशन 

2. शैक्षिक निर्देशन

3. निदेशात्मक उपबोधन

4. सूचना सेवा. 

प्रशन49: भारत में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के संदर्भ में उपलब्ध कौन – सी निर्देशन सेवाएँ सबसे कमजोर पायदान पर है ?

1. व्यक्तिगत निर्देशन सेवा 

2. उपबोधन सेवा

3. स्थानन सेवा 

4. अनुवर्ती सेवा.

प्रशन50: निम्नलिखित में से कौन – सा प्रविधि प्रतिदर्श में शामिल किए जाने वाले प्रत्येक इकाई की प्रसंभाव्यता को विनिर्दिष्ट नहीं कर सकता है?

1. स्तरीकृत प्रतिदर्शन   

2. व्यवस्थित प्रतिदर्शन

3. आनुपातिक प्रतिदर्शन

4. गुच्छ प्रतिदर्शन.        

प्रशन51: जनजातीय समुदाय के अध्ययन के क्रम में अनुसंधानकर्ता यह पाता है कि अनेक समूह हैं जिनमें सदस्य होते हैं। प्रतिदर्श के चयन के लिए अनुसंधानकर्ता को सलाह के रुप में आप निम्नलिखित में से किस प्रणाली की अनुशंसा करेंगे ? 

1. स्तरीकृत प्रतिदर्शन 

2. सरल यादृच्छिक प्रतिदर्शन

3. आनुपातिक प्रतिदर्शन

4. गुच्छ प्रतिदर्शन.

प्रशन52: किसी विद्यालय में भगोड़े बच्चों के व्यष्टि अध्ययन में प्रतिदर्श तैयार करने हेतु कुछ व्यष्टियों की पहचान की जानी है। व्यष्टि अध्ययन के प्रतिदर्श के लिए आप निम्नलिखित में से किस प्रतिदर्श क्रियाविधि की अनुशंसा करेंगे? 

1. सरल यादृच्छिक प्रतिदर्शन  

2. गुच्छ प्रतिदर्शन 

3. स्नो बाल प्रतिदर्शन    

4. आनुपातिक प्रतिदर्शन.             

प्रशन53: एक अनुसंधानकर्ता मध्याह् भोजन योजना की प्रभावकारिता के संबंध में बड़े,पैमाने पर सर्वेक्षण करना चाहता है। इस प्रयोजन के लिए कौन – सा उपकरण उपयुक्त होगा ?

1. प्रेक्षण समय – सारणी  

2. प्रश्नावली

3. समाजमिति

4. साक्षात्कार.

प्रशन54: परिकल्पना का निर्माण मूल रुप से एक :

1. रचनात्मक प्रक्रिया है। 

2. तार्किक प्रक्रिया है।

3. वैज्ञानिक प्रक्रिया है।

4. ज्ञानमीमांसीय प्रक्रिया है।

प्रशन55: कौन – सा क्रम सर्वेक्षण अनुसंधान के संचालन में उठाए जाने वाले कदमों का सही अनुक्रम को बताता है?

1. समग्र की पहचान, प्रतिदर्श, उद्देश्यों को परिभाषित करना, आकड़ों के संकलन की तकनीक का निर्णय, अनुसंधान साधनों का प्रयोग, निष्कर्ष और सामान्यीकरण

2. उद्देश्यों को परिभाषित करना, आकड़ों के संकलन की तकनीकी का निर्णय, समग्र की पहचान, प्रतिदर्श, अनुसंधान साधनों का प्रयोग, निष्कर्ष और सामान्यीकरण

3. उद्देश्यों को परिभाषित करना, समग्र की पहचान, प्रतिदर्श, आकड़ों के संकलन की तकनीक का निर्णय, अनुसंधान साधनों का प्रयोग, निष्कर्ष और सामान्यीकरण

4. समग्र की पहचान, उद्देश्यों को परिभाषित करना, आंकड़ों के संकलन की तकनीक का निर्णय, प्रतिदर्श, अनुसंधान साधनों का प्रयोग, निष्कर्ष और सामान्यीकरण.            

प्रशन56: कार्योत्तर अनुसंधान में उपयुक्त तुलना समूह का चयन महत्वपूर्ण होता है क्योंकि : 

1. निराश्रित चर के सिवाय समूह सभी दृष्टि से समान होने चाहिए।

2. यदि समूह समान नहीं है तो,विरोधात्मक संकल्पना को,स्वीकार करने की संभावना रहती है।

3. समूह को आश्रित चर की दृष्टि से समान होना आवश्यक है।

4. यदि समूह एक समान नहीं है तो बाह्य वैधता को खतरे की संभावना रहती है। 

प्रशन57: निम्नलिखित में से पहचान करें कि कौन – सा प्रयोगात्मक अनुसंधान की बाह्य मान्यता के लिए परिस्थितिकीय खतरा नहीं है?

1. बहु – उपचारात्मक हस्तक्षेप

2. उपचारात्मक परस्पर क्रिया की स्थापना

3. प्रतिक्रियात्मक विन्यास. 

4. विषय – उपचारात्मक परस्पर क्रिया. 

प्रशन58: सेट -I  में दिए गए अनुसंधान के प्रकारों को सेट – II में दी गई विशेषताओं से सुमेलित कीजिए और उपयुक्त  कूट का चयन कीजिए :

सेट  – I                                                   सेट – II

(अनुसंधान के प्रकार)                 (विशेषताएं)

(A) व्यष्टि अध्ययन     (i) स्वतः स्फूर्त और अबाधित आंकड़ा संग्रहण तकनीक का उपयोग करते हुए क्षेत्र अध्ययन

(B) घटना – क्रिया – विज्ञान अनुसंधान (ii) पहले से ही प्रत्यक्ष विवक्षित कारण प्रभाव संबंध के अन्वेषण के लिए अनुसंधान

(C) कार्योंत्तर अनुसंधान     (iii) एक विश्लेषण जिसके परिणामों का सामान्यीकरण नहीं हो सकता है।

(D) प्रकृतिवादी जांच           (iv) भूतकाल के अध्ययन की विश्लेषणात्मक पद्धति का अनुप्रयोग

(v)  प्रतिभागियों के दृष्टिकोण से किसी संकल्पना को समझाने का विश्लेषण

(vi) कम – से – कम एक निराश्रित चर का प्रत्ड चालन

कूट : 

  (A)       (B)      (C)     (D)

1.  (v)        (iii)     (i)       (iv) 

2. (i)         (vi)    (iv)      (v)

3. (iii)       (v)     (ii)        (i)

4. (ii)       (iv)     (iii)      (vi)    

प्रशन59: मूल्यांकन अनुसंधान की गुणवत्ता का निर्णय करने के लिए वृत्तिक मूल्यांककों ने मूल्यांकन का संकल्पनात्मक ढांचा विकसित किया ।-यह पता लगाएं कि निम्नलिखित में से कौन – सा मानदण्डों से संबंधित नहीं है?

1. उपयोगिता मानक

2. प्रोप्राइटी मानक 

3. विश्वसनीयता मानक

4. व्यवहार्यता मानक.   

Correct

प्रशन60: प्रारम्भिक शिक्षा का सार्वभौमिक एक ऐसा हस्तक्षेप है जिससे सुरक्षा प्राविधानित होती है :

1. ग्रामीण लोगों को शिक्षा द्वारा अच्छादित करने में

2. संविधान की धारा 2002 के तहत अनुच्छेद 21 A द्वारा

3. सुविधावंचित संवर्गों के बच्चों के लिए

4. शैक्षिक अवसर की समानता की पहल को.    

प्रशन 61:स्वतंत्र भारत में शिक्षा के व्यवसायीकरण की अनुशंसा किसने की थी ?

1. डॉ. राधाकृष्ण आयोग 

2. मुदालियर आयोग

3. कोठारी आयोग

4. नई शिक्षा नीति.

प्रशन62: सर्वाधिक विकेन्द्रीत शिक्षा पद्धति कहां हैं? 

1. सं. रा. अ. 

2. यू. के.

3. भारत 

4. यू. एस. एस. आर. 

प्रशन63: स्वतंत्र भारत में शिक्षा के व्यवसायीकरण की अनुशंसा किसने की थी ?

1. डॉ. राधाकृष्ण आयोग 

2. मुदालियर आयोग

3. कोठारी आयोग

4. नई शिक्षा नीति.

प्रशन64: ‘सामुदायिक महाविद्यालय’ का उच्च शिक्षा में व्यवसायिक शिक्षा के संस्थान के रुप में उद्भव कहां हुआ था ?

1. सं. रा. अ.

2. यू. के.

3. भारत    

4. यू. एस. एस. आर.   

प्रशन65: भारतीय संविधान में शिक्षा है :

1. राज्य सूची में.   

2. केन्द्र सूची में

3. समवर्ती सूची में

4. आरक्षित सूची में.      

प्रशन66: कौन – से पाठ्यक्रम प्रतिमान में सत्तापरक चरित्र सबसे कम दृष्टिगोचर होता है? 

1. प्रदर्शन प्रतिमान 

2. प्रशासनिक प्रतिमान 

3. धरातलीय प्रतिमान

4. प्रणाली विश्लेषण प्रतिमान.     

प्रशन67:कौन – से पाठ्यक्रम प्रतिमान को लागू करने हेतु शैक्षिक अधिकारियों का पदानुक्रम शामिल करना होगा ? 

1. प्रणाली विश्लेषण प्रतिमान.

2. प्रशासनिक प्रतिमान 

3. प्रदर्शन प्रतिमान

4. धरातलीय प्रतिमान.    

प्रशन68:पाठ्यक्रम के प्रणाली विश्लेषण प्रतिमान हेतु सर्व उपयुक्त संगति का चयन कीजिए :

(1) उपकरण एवं संयंत्र       (2) समन्वय एवं प्रतिक्रियात्मकता

(3) शिक्षण एवं अधिगम की संक्रियाओं को पहचानना     (4) आगत एवं निर्गत

कूट : 

1. (1), (2) एवं (3)

2. (2), (3) एवं (1)

3. (1), (2), (3) एवं (4) 

4. (2), (3) एवं (4)

प्रशन69: संकलनात्मक मूल्यांकन से निहितार्थ है : 

1. शिक्षण अधिगम अंतक्रियाओं के दौरान निस्पत्ति का आंकलन 

2. प्रारंभिक उपलब्धि के स्तर को जानना

3. अभिप्रेरणात्मक उद्देश्यों हेतु अधिगम निष्पत्ति का आंकलन

4. अकादमीय सत्र के अन्त में निस्पत्ति स्तर का सुनिश्चितीकरण.    

प्रशन70: शिक्षा में मूल्यांकन परिणामों की व्याख्या का मूल उद्देश्य हैं :

1. अधिगमकर्ता की क्षमताओं का आंकलन

2. अधिगमकर्ताओं के भावी कैरिअर की रुपरेखा बनाना

3. शैक्षिक कार्यक्रमों की प्रभावशीलता का आंकलन

4. स्कूल की प्रगति दर्शाने हेतु प्रतिवेदन तैयार करना

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